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कितने डॉक्टर कर रहे है प्राइवेट प्रैक्टिस ..

शहडोल । हाल ही में शासन स्तर से एक आदेश हुआ है कि अब कोई भी सरकारी अस्पताल का डॉक्टर निजी अस्पताल में प्रेक्टिश नहीं कर सकता। यदि कोई डॉक्टर निजी अस्पताल में प्रेक्टिश करते पाया जाएगा तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। इसी आदेश के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश पाण्डेय ने गुरुवार को जिले के 12 प्राइवेट अस्पताल व नर्सिंग होम को नोटिस देकर यह जानकारी मांगी है कि अब तक इनके अस्पताल में कितने सरकारी डॉक्टर ने सेवाएं दी हैं और इन्हें अब तक कितनी राशि का भुगतान किया गया है। तीन दिन के अंदर यह जानकारी मांगी गई है। उल्लेख है कि जिले में कुल 14 प्राइवेट अस्पताल व नर्सिंग होम्स संचालित हो रहे हैं जिनमें से 12 से जानकारी मांगी गई है। दो प्राइवेट अस्पतालों के संबंध में पहले से ही पूरी जानकारी स्पष्ट है।

कई तो खुद का अस्पताल चला रहे

संभागीय मुख्यालय में ही कई ऐसे सरकारी डॉक्टर हैं जो जिला अस्पताल व जिले के अन्य अस्पतालों में सेवा देने के साथ खुद निजी अस्पताल संचालित कर रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी की फार्मेल्टी करके अपने निजी अस्पताल में अधिक व्यस्त रहते हैं। कई निजी अस्पताल ऐसे भी संचालित हो रहे हैं जहां दूसरे जिले के सरकारी डॉक्टर सेवा दे रहे हैं। उमरिया जिले में पदस्थ एक डॉक्टर के भरोसे शहडोल का निजी अस्पताल संचालित हो रहा है। हालांकि अब यह डॉक्टर खुद लोकायुक्त की कार्रवाई में फंस गए हैं, इसलिए अस्पताल का संचालन भी रखते में आ गया है।