ग्वालियर मध्य प्रदेश राजनैतिक

अजय दुबे। कौन होगा चंबल का इकलौता शेर पार्ट 3

अजय दुबे। कौन होगा चंबल का इकलौता शेर पार्ट 3
गवालियर । आजजहां हर तरफ मध्य प्रदेश राजनीति की पराकाष्ठा गिरती जा रही है वहीं 22 अगस्त के सिंधिया दौरे ने कई ऐसे रोचक पहलू को जन्म दे दिया है जो गले नहीं उतरती सिंधिया के प्रथम नगर आगमन राजसभा में जाने के बाद निश्चित ही चर्चा का विषय बन गया है कहने को तो कई कांग्रेसी बीजेपी में शामिल हुए लेकिन कहीं ना कहीं यह एक फर्जी सदस्यता अभियान से ज्यादा कुछ नहीं था आज हमारे अंक चंबल के इकलौते शेयर पार्ट 3 में कुछ ऐसे रोचक पहलू का वर्णन करेंगे जो यह बताएगा कि किस तरह चंबल की राजनीति दिन-ब-दिन बदलती जा रही है चंबल का बब्बर शेर केंद्रीय मंत्री ने जहां मुख्यमंत्री रूपी थाली को पीछे कर दिया था या ऐसा कह सकते हैं की थाली परोसने के बाद परोसी नहीं गई कहीं ना कहीं इस बात को जन्म देती है कि चंबल में कुछ और शेर आ गए हैं जो अपने होने का एहसास करा रहे हमारे सूत्रों के द्वारा प्राप्त जानकारी से एक और संघ प्रमुख का भोपाल दौरा कई प्रश्नों को जन्म दे दिया संघ प्रमुख ने किसी भी बागी विधायको से मिलने की इच्छा जाहिर नहीं की वही चंबल के पुराने शेरों पर भी कहीं ना कहीं लगाम लगाने की तैयारी की जा रही है एक वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री जिससे पूरा चंबल संभाग चलता है वही आज उनके परिजनों को संभाग के संगठन की भूमिका से दूर रखा गया जिस से कहीं ना कहीं जमीनी नेताओं का विरोधाभास स्वर गूंजने लगे जिस मंत्रिमंडल की कवायद को लेकर चर्चा का विषय बना था मंत्रिमंडल में सिंधिया ने अपने बागी विधायकों को पूर्ण हिस्सेदारी इसका मजबूत प्रमाण है इसे यह कयास लगाई जा रही है कि शायद मध्य प्रदेश की जनता को दो उपमुख्यमंत्री देखने को मिलेंगे लेकिन ग्वालियर से कुछ दूर पितांबरा शक्ति पीठ से एक बड़े ब्राह्मण नेता जो भी कहीं ना कहीं चंबल के साथ आज पूरे मध्यप्रदेश की राजनीतिक गलियारों में अपनी अपनी अहम पेठ बना चुके हैं अपनी चाणक्य बुद्धि से उसको रोक दिया आज अपने बुद्धि बल से पहले 22और फिर 3 विधायक अपने पाले में लाकर आने वाले या कहीं ना कहीं समय-समय पर अपने होने का एहसास कराते रहते है हमारी जानकारी के अनुसार आज इनके भोपाल निज निवास पर कई ऐसे बड़े चेहरे देखे गए जिनका खुले तौर पर उल्लेख करना ठीक नहीं है चंबल की राजनीति में एक नहीं दो नहीं एक और शेर आ गया है एवं समय आने पर ऐसा कुछ करेगा जिसके बाद दूसरों शेरों को चंबल छोड़ना पड़ सकता है यहां ब्राह्मण नेता मछली की आंख पर निशाना लगाकर कर बैठा है एवं समय आने पर उस मछली की आख को की भेदने के लिए तत्पर है अब भविष्य बताएगा कि चंबल के इकलौते शेर कौन होंगे एवं वाह अपनी सल्तनत को कैसे कायम रख पाएगा

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