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पेट्रोल-डीजल हुआ और महंगा, सरकार की तरफ से नहीं दिख रहे राहत के आसार नहीं

नई दिल्ली। सूत्रों के अनुुुुसार देश में जहां एक तरफ पेट्रोल और डीजल के दामों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं वहीं इनके दामों में बढ़ोतरी लगातार जारी है। मंगलवार को पेट्रोल और डीजल 14 पैसे महंगा हुआ। इसके बाद दिल्ली में जहां पेट्रोल 80.87 रुपए और डीजल 72.97 रुपए के स्तर पर है। वहीं, मुबंई में पेट्रोल 88.26 रुपए और डीजल 77.47 रुपए प्रति लीटर के भाव के बिक रहा है। पेट्रोल और डीजल पर फिलहाल केंद्रीय करों में कटौती के आसार नहीं हैं। सरकार सवा तीन सौ से अधिक वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी की दरें घटाकर और आयकर में छूट के जरिये जनता को लगभग दो लाख करोड़ रुपये सालाना कर राहत दे चुकी है। ऐसे में खजाने की वर्तमान स्थिति के मद्देनजर फिलहाल पेट्रोलियम उत्पादों पर कर में कटौती की गुंजाइश नहीं है।

पेट्रोलियम उत्पादों पर राहत देने का एक ही उपाय है कि नॉन-ऑयल उत्पादों पर कर संग्रह बढ़ाया जाए। इसके लिए सरकार ने अगले पांच साल में नॉन-आयल उत्पादों पर कर संग्रह के अनुपात को 1.5 फीसद अंक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, यह दीर्घकाल में ही संभव हो पाएगा।

सूत्रों ने कहा कि सरकार ने हाल के वर्षों में कर में छूट देकर आम लोगों को बड़ी राहत दी है। मसलन, सवा तीन सौ से अधिक वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी की दर घटाई गई है, जिससे आम लोगों को सालाना 80,000 करोड़ की राहत दी जा चुकी है। इसके अलावा आयकर के मोर्चे पर भी सरकार ने सालाना 98,000 करोड़ की राहत दी है। यह राहत अलग-अलग तरह से आयकर में कटौती के जरिये दी गई।