राजनैतिक

परंपराए बनाए रखने के लिए BJP ने विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव से प्रत्याशी का नाम वापस लिया : देवेंद्र फडणवीस

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि उनकी पार्टी ने परंपरा को बरकरार रखने के लिए स्पीकर के चुनाव से प्रत्याशी का नाम वापस ले लिया है. उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक में विधायकों ने आग्रह किया कि निर्विरोध स्पीकर चुनने की परंपरा रही है. उनकी इस बात को पार्टी ने माना और प्रत्याशी किशन कठोरे का नाम वापस ले लिया. वहीं महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने नाना पटोले की तारीफ करते हुए कहा कि वह किसान परिवार से आते हैं. ठाकरे ने कहा, मुझे विश्वास है कि वह सबके साथ न्याय करेंगे.  इससे पहले महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा,  हमने महाराष्ट्र की परंपरा को ध्यान में रखा  हमें इस पद को किसी विवाद में नहीं लाना है. अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं होगा . पार्टी की बैठक में हमने फैसला लिया. हमने किशन किठोरी का नामांकन पत्र वापस लिया. बिन विरोध विधानसभा अध्यक्ष पद का चुनाव होगा’ महाराष्ट्र सरकार में मंत्री छगन भुजबल ने कहा,  विरोधी पक्ष ने अपना उम्मीदवार पीछे लिया है. अध्यक्ष पद की गरिमा रखी है. बिना विरोध के अध्यक्ष पद का चुनाव हो गया है.

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भंडारा से बीजेपी के टिकट से नाना पटोले ने चुनाव लड़ा था और प्रफुल पटेल को हराया था. लेकिन बाद में नाना पटोले ने पीएम मोदी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया और कहा कि वह बैठक में सांसदों को बोलने नहीं देते. इसके बाद विवाद इतना बड़ा कि वह कांग्रेस में शामिल हो गए. 2019 के लोकसभा में चुनाव में नाना पटोले ने नागपुर में नितिन गडकरी से हार गए थे.  प्रफुल की काट ढूंढ़ने के लिए ही बीजेपी ने नाना पटोले को भंडारा से टिकट दिया था. आज जब प्रफुल पटेल ने नाना पटोले के नाम का स्पीकर पद के उम्मीदवार के लिए आगे बढ़ाया तो नाना पटोले की तारीफ करते हुए कहा कि वह किसानों और गरीबों का नेता हैं.

 

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