स्वास्थ्य

वजन घटाने और बैली फैट कम करने में मददगार है देसी घी, जानें इसके फायदे

* हर भारतीय रसोई में एक चीज जरूर मिलती है, वह है देसी घी. भले ही मोटापा और वजन कम करने के फेर में लोगों ने घी से दूरी बना ली हो, लेकिन अब यह मिथ भी टूट रहा है कि घी मोटापा देता है और सेहत के बुरा है. असल में घी गुणों से भरा है. सदियों के मौसम में तो भारत में घी को जमकर इस्तेमाल किया जाता है. असल में घी खाना पचाने, गठिया, घाव को भरने, एलर्जी को दूर करने, हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार है. पर आपको बता दें कि इन फायदों के साथ ही साथ देसी घी वजन कम करने में भी मददगार है. जी हां, आपने सही पढ़ा आप घी से वजन कम करने के अपने लक्ष्य को पा सकते हैं. लोगों को लगता है कि घी को किसी भी वेट लोस डाइट (weight loss diet) में शामिल नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह फैट से भरपूर है. लेकिन यह आधा सच है. अगर घी गाय के दूध से बना हो, जिसे हम आमतौर पर गाय का घी कहते हैं, तो यह पोषण से भरपूर होता है. अगर आप दिन में दो से तीन चम्मच घी खाते हैं तो यह आपकी सेहत के लिए अच्छा है.

घी डीएचए (DHA) से भरपूर होता है. इसके साथ ही साथ फैट, एंटीफंगल, एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीबैक्टिरियल प्रोपर्टीज़ भी घी में मौजूद होती हैं, जो आंखों के लिए अच्छी है और साथ ही साथ आइसाइट, इम्यूनिटी और डाइजेशन को बेहतर बनाती है. जिन लोगों को पाचन अच्छा होता है वह वजन कम करने के अपने टारगेट को जल्दी पूरा कर पाते हैं.  इसके साथ ही साथ घी में विटामिन्स भी होते हैं, जो बोन्स को स्ट्रॉंग बनाते हैं. फैटी एसिड्स की वजह से ये जल्दी और आसानी से डाइजेस्ट भी हो जाता है. ऑलिव ऑयल और नारियल के तेल की तरह ही घी में भी हेल्‍दी फैट होता है, जिससे आपको खराब फैट भगाने और वजन कम करने में मदद मिलती है. सेलिब्रिटी न्‍यूट्रिशनिस्‍ट रुजुता द्व‍िवेकर के मुताबिक, ‘घी में एमिनो एसिड होता है जो जमे हुए फैट को पिघलाकर फैट सेल्‍स का साइज पहले की तरह करने में मदद करता है. अगर आपको लगता है कि आपके शरीर में फैट जल्‍दी इकट्ठा होने लगता तो आपको अपनी डाइट में घी जरूर शामिल करना चाहिए.’  *कार्बस से बेहतर है देसी घी*
क्‍या आप जानते हैं कि हम अपनी डाइट में जो कार्ब खाते हैं उनकी तुलना में घी ऊर्जा का बेहतर स्रोत है. दरअसल, घी में मीडियम-चेन-फैटी एसिड होते हैं, जिन्‍हें लीवर सीधे सोख लेता है और जल्‍द ही बर्न भी कर देता है. घी बटरिक एसिड से भरपूर होता है, जिसके ढेरों फायदे हैं. दरअसल, हमारा शरीर फाइबर को बटरिक एसिड में बदलने का काम करता है. ऐसे में अगर आप अपनी डाइट में घी शामिल करते हैं तो इससे शरीर का काम आसान हो जाता है. घी में मौजूद बटरिक एसिड फाइबर को एनर्जी में बदलता है जिससे आंतों की दीवार मजबूत होती है.

*देसी घी पाचन बनाता है बेहतर*
आपको बता दें कि बटरिक एसिड पाचन तंत्र की मरम्‍मत कर उसे हेल्‍दी रखता है. घी में कुछ ऐसे तत्व मौजूद होते है जो बॉडी में बैड कॉलेस्ट्रोल को कंट्रोल में रखते हैं और गुड कॉलेस्ट्रोल को बढ़ाने का काम करते हैं. पुराने जमाने में साधु-संत और योगी अपना खाना घी में ही बनाते थे. दरअसल, घी जोड़ों में मौजूद लिक्‍विड को कम नहीं होने देता.

Jantantr
जनतंत्र वेब न्यूज़ में खबर एवम विज्ञापन के लिये सम्पर्क करें -----9425121237
http://jantantr.com/