अंतर्राष्टीय

ताइवान ने चीनी कंपनी हुवावे पर प्रतिबंध लगाया, जापान-ब्रिटेन पहले ही लगा चुके हैं पाबंदी

अमेरिका के करीबी और चीन के धुरविरोधी ताइवान ने सुरक्षा चिंताओं के बीच चीनी कंपनी हुवावे और जेडटीई के नेटवर्क उपकरणों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके पहले अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया ऐसा कदम उठा चुके हैं। यह 170 देशों में कारोबार करने वाली चीनी दूरसंचार उपकरण कंपनी के लिए बड़ा झटका है। ताइवान ने यह कदम ऐसे वक्त उठाया है, जब हुवावे की सीएफओ मेंग वानझोऊ की कनाडा में गिरफ्तारी को लेकर अमेरिका और चीन में तनाव बना हुआ है।

ताइवान सरकार ने कहा कि कई अन्य देशों में भी हुवावे पर इस तरह के प्रतिबंध लग रहे हैं, वहीं ताइवान में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संकट अधिक गहरा है, क्योंकि चीन ताइवान को अपना ही हिस्सा बताता रहा है और उसे अपने नियंत्रण में लेने के लिए सैन्य कार्रवाई की भी धमकी भी देता रहा है। ऐसे में इन कंपनियों पर व्यापार करने की पांच साल की पाबंदी लगाई गई है। गौरतलब है कि हुवावे की मुख्य वित्तीय अधिकारी मेंग वानझोऊ पर ईरान के साथ कारोबार पर अमेरिकी प्रतिबंध का उल्लंघन करने का आरोप है। उन्हें वैंकूवर में एक दिसंबर को हिरासत में लिया गया था। वानझोऊ पर आरोप है कि उन्होंने हुवावे के जरिये ईरानी कंपनियों को उपकरणों की आपूर्ति करने की कोशिश की, जबकि उन पर अमेरिका में प्रतिबंध लगा है।

दिग्गज चीनी कंपनियों के लिए बड़ा झटका
अमेरिका और जापान के पहले ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी चीनी कंपनियों को झटका दे चुके हैं। न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने उनके देश में 5जी नेटवर्क खड़ा करने में हुवावे और जेडटीई की भागीदारी पर रोक लगा दी है। अमेरिका में सॉफ्टवेयर की वायरलेस कंपनी स्प्रिंट कॉर्प ने पहले ही हुवावेई और जेडटीई से किनारा कर लिया है। ब्रिटेन के बीटी ग्रुप ने कहा है कि वह अपने 3जी और 4जी नेटवर्क से हुवावेई के उपकरणों को हटा रहा है और 5जी नेटवर्क के विकास में उसका इस्तेमाल नहीं करेगा।

चीनी कंपनियों से दूरी बनाई
– चीनी कंपनियों पर उनके उपकरणों के जरिये जासूसी का आरोप
– साइबर हमले बढ़ रहे हैं खुफिया सूचना चीन को लीक होने से
– आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस और अंतरिक्ष के क्षेत्र में चीनी की बढ़ती धमक
– जेडटीई और हुवावेई पर चीन सरकार और उसके नेताओं का नियंत्रण

हुवावे : दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्मार्टफोन निर्माता
– 72वें स्थान पर फार्च्यून ग्लोबल 500 की सूची में
– 90 अरब डॉलर का सालाना राजस्व कंपनी का
– कंपनी के संस्थापक रेन चीनी सेना में इंजीनियर में
– 1987 में शुरुआत, आज शीर्ष टेलीकॉम उपकरण निर्माता
– 2011 तक कंपनी के नेतृत्व के बारे में दुनिया को पता नहीं था

Jantantr
जनतंत्र वेब न्यूज़ में खबर एवम विज्ञापन के लिये सम्पर्क करें -----9425121237
http://jantantr.com/